राष्ट्रीय पर्यटन महोत्सव का आयोजन गंजाम कला परिषद, ब्रह्मपुर में दो दिनों तक — 18 और 19 अक्टूबर को किया गया। इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण था राष्ट्रीय लघु फिल्म महोत्सव। इस राष्ट्रीय लघु फिल्म महोत्सव का आयोजन हिंजिलीकाटु के नृत्यम कला अनुसंधान केंद्र द्वारा किया गया था। इस महोत्सव के निर्देशन का कार्य पिछले तीन वर्षों से कृष्णा डीके के नेतृत्व में किया जा रहा है। राष्ट्रीय पर्यटन महोत्सव का संचालन नारायण महांकुड के पर्यवेक्षण में हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ओड़िया फिल्म शोधकर्ता और संपादक डॉ. दिलीप पानी ने भाग लिया। सम्मानित अतिथियों में अंतरराष्ट्रीय लोककला गुरु नारायण महाराणा, अंतरराष्ट्रीय ओडिशी गुरु जयंता आचार्य, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त चित्रकला गुरु उमाशंकर आचार्य सहित कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित थे।
इस फिल्म महोत्सव में 9 लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया, जिनमें प्राची वैली, नीरवता दृष्टि, मो बापा हीरो जीरो, डस्टबिन, चारिकांध (राष्ट्रीय स्तर की फिल्म), और अदम्य जैसी फिल्में शामिल थीं।
इस महोत्सव में प्राची वैली ने पहला स्थान, मो बापा हीरो जीरो ने दूसरा स्थान, और चुटकी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
इस वर्ष के श्रेष्ठ सिनेमैटोग्राफर का पुरस्कार रंजीत कुमार रथ को, श्रेष्ठ नृत्यशिल्पी का पुरस्कार मुना साहू को, और श्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार काजल बेहरा को प्रदान किया गया।
समाज के लिए लघु फिल्मों की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर एक चर्चा सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें निर्माता अतिस कुमार राउत, फिल्म संपादक दिलीप पानी, वरिष्ठ कलाकार शक्ति बराल, और लघु फिल्म निर्देशक कृष्णा डीके ने भाग लिया।
समापन समारोह में मनमय डे, शक्ति बराल, और ई. संचितापात्र को श्रेष्ठ कलाकार के रूप में तथा मोनालिसा प्रधान, पारसिथी नायक, स्वीटी स्वाईं, और शुभम साहू को श्रेष्ठ बाल कलाकार के रूप में सम्मानित किया गया।
इसके अलावा पानी फिल्म के निर्देशक अरूप महाराणा, डस्टबिन के निर्देशक महेश एसटीआर, चारिकांध के निर्देशक विश्वनाथ रथ, निर्माता अतिस कुमार राउत, और अदम्य के निर्देशक कृष्णा डीके को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के संचालन की मुख्य भूमिका काजल बेहरा और जैस्मिन स्वाईं ने निभाई।
ऐसे राष्ट्रीय स्तर के उत्सव का आयोजन राष्ट्रीय पर्यटन विभाग द्वारा किए जाने से चारों ओर इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है।
