(भाषा सूत्रों के आड़ में भारत के प्रांतीय संबंधों और अखंडता में हिंदी की भूमिका अवर्णनीय है – अध्यक्ष)
असिका 16/9: असिका साइंस कॉलेज के अध्यक्ष डाॅ. जीवानन्द त्रिपाठी की देखरेख एवं हिन्दी विभाग के समन्वयन में हिन्दी दिवस का आयोजन हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में किया गया है। इस परिप्रेक्ष्य में, दक्षिण ओडिशा उच्च शिक्षा विभाग, ब्रह्मपुर के क्षेत्रीय निदेशक मुख्य अतिथि के रूप में, उच्च माध्यमिक शिक्षा एवं व्यावसायिक वृत्ति शिक्षा, ब्रह्मपुर के क्षेत्रीय निदेशक डाॅ. सुशांत कुमार दास सम्मानित अतिथि थे और मुख्य वक्ता के तौर पर हिन्दी शिक्षक और राष्ट्रीय समर शिक्षार्थी वाहिनी, दीनबंधु हाई स्कूल नेटेंगा, गंंजाम के कप्तान श्री प्रभात कुमार गौड़ थे। सबसे पहले मंचासीन अतिथियों ने वेदमंत्र गायक धनंजय महापात्र के वेदपाठमंत्र से भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। मंच पर अतिथियों का उत्तरीय द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया गया। छात्रा दीपिका और समूह ने उद्घाटन संगीत प्रस्तुत किया। मंचासीन हिंदी व्याख्याता राजेश कुमार साहू ने अतिथियों का परिचय दिया। हिंदी विभागाध्यक्ष डाॅ. जिनित सबा ने छात्रों को हिंदी दिवस और स्वागत समारोह के मुख्य उद्देश्य के बारे में संबोधित किया।मुख्य अतिथि डाॅ. पाढ़ी महोदय ने बताया है कि किसी भी भाषा का ज्ञान प्राप्त करने के लिए पहले मातृभाषा सीखनी पड़ती है, फिर अन्य भाषाएँ जैसे भारत में हिंदी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंग्रेजी। ज्ञान प्राप्त करने के लिए स्कूल स्तर पर त्रिभाषी और कॉलेज स्तर पर द्विभाषी होना आवश्यक है। सम्मानित अतिथि डाॅ. दास ने हिंदी में विपणन की दृष्टि से हिंदी भाषा के महत्व पर प्रस्तुति दी। कॉलेज के अध्यक्ष डाॅ. त्रिपाठी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी अपनी महानता बरकरार रखते हुए तीसरे स्थान पर पहुंच गयी है। उनका मत था कि हिंदी ने ही सदियों से भारत के प्रांतीय संबंधों और अखंडता को कायम रखा है। मुख्य वक्ता कैप्टन गौड ने विद्यार्थियों से अपने गुरुदेव का स्मरण कर अपने भावी जीवन को हिंदी भाषा साहित्य में मजबूत करने का आह्वान किया। उक्त महाविद्यालय के हिन्दी विभाग में प्राक्तन छात्र होने के नाते उन्होंने विद्यार्थियों को हिन्दी विभाग के शिष्टाचार को अक्षुण्ण बनाये रखने का भी निर्देश दिया। छात्रा यमुना और स्वरूपा दोनों मिलकर मधूर संभाषणों तथा अॉंकरिंग के साथ बैठक का संचालन किया।हिन्दी दिवस के अवसर पर पूर्व में आयोजित निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता में विजयी रहे विद्यार्थियों को मंचासीन अतिथियों के कर-कमलों में उनकी उपस्थिति में पुरस्कार दिये गये। कार्यक्रम के अंतराल के दौरान और हिंदी विभाग के अध्यापक, अध्यापिकाओं और संकाय सदस्यों की भीड़ में, दूसरे और तीसरे वर्ष के छात्रों ने भाईचारा और सद्भावना के संदेश के साथ हिंदी सम्मान प्रथम वर्ष के नए छात्रों का स्वागत किया। संगठक छात्रों रुद्रप्रसाद, पीयूष, चंदन, राजा, रोजी इत्यादियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किये थे। अंत में अध्यापिका सुश्री कुनिका दास ने हिंदी भाषा के महान योगदान वार्ता के साथ सभी को धन्यवाद दिया।
