अनुगुल : जिले के कोयला नगरी तालचेर की गोल्डन गर्ल दिब्याशा प्रियदर्शिनी चोपदार ने शूटिंग स्पोर्ट में स्वर्ण पदक जीतकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सुश्री दिब्याशा ने भुवनेश्वर में आयोजित द्वितीय राज्य ओपन शूटिंग चैंपियनशिप में यह स्वर्ण पदक जीतकर पूरे जिले का नाम रोशन किया है। यह खबर फैलने के बाद औद्योगिक नगरी से उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं और स्वागत किया गया।

तालचेर नरेश श्री विजयेंद्र चंद्र देब बीरबर हरिचंदन ने उन्हें भुवनेश्वर में स्वर्ण पदक और प्रमाण पत्र देकर उनकी प्रशंसा की है। ओडिशा ओलंपिक संघ के अध्यक्ष समीर मोहंती और खेल के भीष्म पितामह हरिप्रसाद पटनायक ने दिब्याशा की शूटिंग शैली की प्रशंसा की है और उनके आगे बढ़ने की कामना की है।

गौरतलब है कि दिब्याशा छठी कक्षा से ही लगातार पांच साल से स्वर्ण पदक जीतती आ रही हैं। अब वह आईएसएसएफ वर्ग में राष्ट्रीय स्तर पर खेलकर भारतीय टीम में शामिल होने के लिए चयन ट्रायल के लिए क्वालीफाई कर राष्ट्रीय स्तर की रिनाउंड शूटर के लिए क्वालीफाई कर चुकी है। दिब्याशा का कहना है कि निशानेबाजी खेल एक महंगा खेल है। इसके प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए काफी खर्च होता है। आज तक मेरे कोच मेरे पिता हैं, उन्होंने मुझे राइफल और पिस्टल खेलने का प्रशिक्षण दिया है और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया है। लेकिन अब मुझे उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की आवश्यकता है, इसलिए मैं जिले की सरकारी और निजी कॉरपोरेट संस्थाओं से प्रशिक्षण की व्यवस्था करने का अनुरोध करती हूं, तो आने वाले दिनों में ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतने का मेरा सपना पूरा हो सकेगा। हालांकि, अंगुल के जिलाधिकारी अब्दाल एम अख्तर ने एनटीपीसी, कनिहा को मेरे अनुरोध की सिफारिश की है, लेकिन एक साल से अधिक समय बीत चुका है और कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। जिंदल स्टील एंड पावर (जेएसपी) ने तीन साल पहले भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लेने का खर्च वहन किया

था लेकिन उसके बाद कोई मदद नहीं मिली है। जेएसपी, अनुगुल की सीएसआर मुख्य श्री जयंत मोहंती का कहना हे कि ,शूटिंग स्पोर्ट के लिये अब बहुत नहीं है । गौर तलब हे कि” दिब्याशा” नेशनल गेम में हिस्सा लेने वाले जिले के पहले निशानेबाज हैं, उन्होंने 37वें नेशनल गेम, गोवा में हिस्सा लेते हुए ओडिशा की ओर से प्रतिनिधित्व किया और ओलंपियन एवं विश्व रिकॉर्ड तोड़ने वाले निशानेबाजों के साथ प्रतिस्पर्धा की। जब वे उन्नत उपकरणों, उन्नत कोचिंग और उन्नत शूटिंग रेंज के साथ अभ्यास करते थे, तो देशी उपकरण और जूते पहनकर इतनी बड़ी प्रतियोगिता में ओडिशा का प्रतिनिधित्व करते हुए देखकर, दूसरे राज्यों के प्रतियोगी हंस रहे थे। यह सूचना मिलने के बाद टीटीपीएस, एनटीपीसी कनिहा शूटिंग उपकरणों में मदद का हाथ बढ़ाये है । टीटीपीएस (एनटीपीसी ), एनटीपीसी , कनिहा प्रबंधन को आभार जताई है ।

