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आसिका विज्ञान महाविद्यालय में ‘परमाणु ऊर्जा और इसका उपयोग’ व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन।

ग्रामीण क्षेत्रों में वैज्ञानिक अनुसंधान की आवश्यकता पर जोर।- मुख्य अतिथि ।

आसिका ता 03/04: प्रस्तुत कार्यक्रम में बरहमपुर विश्वविद्यालय के कुलपति और भौतिक संस्थान, भुवनेश्वर के निदेशक सहित गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। व्याख्यान श्रृंखला का उद्देश्य परमाणु ऊर्जा के बारे में गलत धारणाओं को दूर करना और मानवता के लिए इसके लाभों पर प्रकाश डालना था। वक्ताओं ने परमाणु ऊर्जा के महत्व, इसके अनुप्रयोगों और भारत की प्रगति पर चर्चा की।

कार्यक्रम में एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें आसपास कॉलेज के छात्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम का समन्वय भौतिकी विभाग द्वारा किया गया और संकाय और कर्मचारियों का समर्थन प्राप्त था।

मुख्य अतिथि डॉ. गीतांजलि दाश ने कहा कि देश की विकास धारा को त्वरित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भी वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रशिक्षण आवश्यक है।

सम्‍मानित अतिथि डॉ. सी. वेंकट रमण मूर्ति ने परमाणु ऊर्जा के लिए कृष्णकाय बालूका, छत्रपुर, गंजाम के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. करुणाकर नंद ने मौलिक विज्ञान के महत्व पर जोर दिया।

मुख्य वक्ता श्री अचलेस्वर सिंह ने परमाणु शक्ति के उचित उपयोग की अवधारणा को समझाया। दूसरे सत्र में नाभिकीय ईंधन केंद्र, हैदराबाद की निदेशिका श्रीमती कुंजन त्रिपाठी, भारी जल बोर्ड, मुंबई के उप-प्रबंधक भास्करनंद झा, और परमाणु ऊर्जा विभाग, मुंबई की सहनिर्देशिका श्रीमती विद्याश्री ने परमाणु ऊर्जा के जनकल्याणकारी उपयोगों पर चर्चा की।

कार्यक्रम में छात्रों के लिए परमाणु ऊर्जा संबंधी प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की गई। समन्वयक पदार्थ विज्ञान विभाग के प्रमुख एल. भानुचंद्र राओ थे।