शनिवार को ब्रह्मपुर स्थित एक्स-जेन कॉलेज ऑफ विजुअल आर्ट में प्रामाणिक फिल्म निर्माण पर एक संगोष्ठी अथवा सेमिनार का आयोजन किया गया। अंतराष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता और निदेशक गुरु क्रिष्णा डिके मुख्य अतिथि और अंतराष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कहानीकार सिमांचल महारणा विशिष्ट अतिथि के रूप में योगदान किए थे। छात्रछात्राएं अपने पारंपरिक गुरु पूजन द्वारा अतिथियों का स्वागत किया। गुरु क्रिष्णा डिके ने छात्रों को समाज के लिए चलचित्र के महत्व के बारे में समझाया। इसके अलावा उन्होंने कलात्मक फिल्म, प्रामाणिक फिल्म, व्यावसायिक फिल्म आदि के बीच अंतर से अवगत कराया। उन्होंने फिल्म की परिकल्पना, इसके सामाजिक और पौराणिक महत्व पर आलोचना किया। साथ ही कलाकारों से जिम्मेदार कलाकार बनने का आह्वान किया। उन्होंने गंजाम जिले की चौसठ प्रकार की लोक कलाओं जैसे की दंडनाच, बाघनाच या पशुमुख नृत्य, बाईधर नृत्य, सखीनृत्य आदि पर भी चर्चा की और इस पर आगे काम करने की ओर ध्यान दिलाया। इस अवसर पर विशिष्ट

अतिथि श्री महारणा ने कहानी की कथावस्तु, पटकथा लेखन, चरित्रों के चयन, सामाजिक संदेश और कहानी के मूल तथ्यों पर शोध पर जोर दिया। नृत्यम हिंजिलिकाटु अनुष्ठान के ओड़िशी नृत्यांगना और अभिनेत्री ई संचिता पात्र, अभिनेता शुभम साथ ही साथ कॉलेज के छात्रछात्राएं और कर्मचारी सेमिनार में उपस्थित थे। कॉलेज के अध्यक्ष और निदेशक उज्ज्वल कुमार साहु ने सेमिनार के सफल आयोजन के लिए अतिथियों का आभार व्यक्त किया। सेमिनार का संचालन प्रोफेसर शंकर जेना ने किया।

